client logos
PMS की हाइलाइट

PMS की मुख्य विशेषताएं

प्रगति ट्रैकिंग

ULB में नामित कार्यों की वास्तविक समय प्रगति कुल व्यय राशि और उपलबध राशि के साथ |

वित्तीय स्वीकृति का विस्लेषण

वित्तीय स्वीकृति में GO के साथ कुल जारी राशि की उपलब्धता |

जियो-टैगिंग

यह विभिन्न पहचान जैसे कि फोटो या वीडियो जैसे अक्षांश और देशांतर जैसी भौगोलिक पहचान को जोड़ने की प्रक्रिया है |

लाइव प्रोगेस रिपोर्ट

perspective phone

पोर्टल में उत्पन्न सभी रिपोर्ट वास्तविक समय के अनुसार निरीक्षण समिति द्वारा प्रदान किए गए डेटा हैं, मोबाइल ऐप के माध्यम से निरीक्षण समिति से जमीनी रिपोर्टों के साथ GO की वास्तविक समय की प्रगति का लेखा जोखा सारी तस्वीर और जियो-टैगिंग के साथ |

नगर विकास विभाग

एक परिचय

graphic

स्थानीय निकाय निदेशालय

भारत सरकार द्वारा गठित रूरल अरबन रिलेशनशिप कमेटी की संस्तुतियों के आधार पर उत्तर प्रदेश शासन द्वारा सर्वप्रथम वर्ष 1971 में स्थानीय निकाय निदेशालय के गठन की परिकल्पना की गई जो व्यावहारिक रूप में वर्ष 1973 में गठित किया गया। स्थानीय निकाय निदेशालय में एक निदेशक होता है, जो अपने अधिनस्थ अन्य कार्मिंको के सहयोग से नगरीय स्थानीय निकायों के कार्यकलापों, वित्तीय स्थिति एवं धनराशियों के उचित रखरखाव पर दृष्टि रखता है तथा शासन एवं नगरीय स्थानीय निकायों के मध्य सम्पर्क स्थापित करने हेतु एक माध्यम है। निदेशालय द्वारा इन निकायों में कार्यरत केन्द्रीयित सेवा के कार्मिकों के अधिष्ठान संबंधी प्रकरणों तथा अकेन्द्रीयित सेवा के कार्मिकों के विभिन्न प्रकार के प्रकरणों का निस्तारण किया जाता है। भारत सरकार द्वारा क्रियान्वित जेएनएनयूआरएम कार्यक्रम के यूआईजी एवं यूआईडीएसएसएमटी कार्यान्श निदेशालय स्टेट लेवल नोडल एजेन्सी नामित है। राज्य सरकार की आदर्श नगर योजना का क्रियान्वयन भी निदेशालय के माध्यम से हो रहा है।

उत्तर प्रदेश जल निगम

प्रदेश में जलापूर्ति एवं सीवर व्यवस्था के संचालन हेतु वर्ष 1927 में जन स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग का गठन किया गया था, जिसे वर्ष 1946 में स्वायत्त शासन अभियंत्रण विभाग कर दिया गया। वर्ष 1975 में उत्तर प्रदेश जल संभरण तथा सीवर व्यवस्था अधिनियम, 1975 के अन्तर्गत वर्तमान उत्तर प्रदेश जल निगम की स्थापना की गयी। उक्त अधिनियम के अन्तर्गत 05 कवाल नगरों, बुन्देलखण्ड, गढ़वाल तथा कुमायू क्षेत्रों के लिये एक-एक जल संस्थान भी स्थापित किये गये। बुन्देलखण्ड क्षेत्र हेतु स्थापित झांसी एवं चित्रकूट जल संस्थान प्रदेश में कार्यरत है, गढ़वाल एवं कुमायू जल संस्थान उत्तराखण्ड राज्य में सम्मिलित है। प्रदेश के नगरों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जल सम्पूर्ति/जलोत्सारण /नदियों के प्रदूषण नियंत्रण के निर्माण कार्य जल निगम द्वारा कराये जाते हैं, जिसका रखरखाव संबंधित स्थानीय निकाय/जल संस्थान द्वारा किया जाता है। ग्रामीण पेयजल योजनाओं का रखरखाव बुन्देलखण्ड क्षेत्र में जल संस्थानों द्वारा तथा प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में जल निगम द्वारा किया जाता है। भारत सरकार की जेएनएनयूआरएम कार्यक्रम के यूआईजी एवं यूआईडीएसएसएमटी कार्यान्श की परियोजनाओं के लिये उत्तर प्रदेश जल निगम कार्यदायी संस्था नामित है।

graphic
graphic

क्षेत्रीय नागर एवं पर्यावरण अध्ययन केन्द्र

भारत सरकार के शहरी विकास मंत्रालय द्वारा लखनऊ विश्वविद्यालय के अन्तर्गत 1968 में स्थापित इस केन्द्र को प्रदेश सरकार द्वारा 1976 से वित्तीय योगदान दिया जा रहा है। प्रदेश की नागर निकायों के जनप्रतिनिधियों एवं केन्द्रीयित सेवाओं के अधिकारियों की क्षमता विकास हेतु इस केन्द्र के माध्यम से विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों आदि का आयोजन किया जाता है। भारत सरकार के शहरी विकास तथा आवास एवं गरीबी उमशमन मंत्रालयों के तत्वाधान में संचालित समस्त योजनाओं के अधीन प्रदेश के अधिकारियों हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन इस केन्द्र द्वारा किया जाता है। इसके अतिरिक्त यह केन्द्र राज्य सरकार एवं नागर निकायों को परामर्शी सेवायें एवं शोध अध्ययन का प्रतिपादन करके नगर विकास के नीति निर्माण एवं कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु सक्रिय योगदान देता है।

जल संस्थान/जलकल

नगर विकास विभाग के अधीन 07 जलकल/जल संस्थान यथा- लखनऊ, कानपुर, इलाहाबाद, वाराणसी, आगरा, झांसी एवं चित्रकूट बांदा है। इनका मुख्य दायित्व शहरी क्षेत्रों में पेयजल की आपूर्ति तथा सीवर व्यवस्था का कार्य सुनिश्चित करना है।

graphic
dashboard

Real-Time Dashboard

प्रत्येक उपयोगकर्ता के लिए वास्तविक समय डैशबोर्ड वित्तीय योजनाओं और विशिष्ट योजनाओं में धन के आवंटन को ट्रैक करने के लिए |

  • 1
    हमारा लक्ष्य

    उत्तर प्रदेश देश का सबसे अधिक आबादी वाला राज्य है जिसमें 18 मंडल मुख्यालयों के साथ 75 जिले और 4.44 करोड़ की शहरी आबादी है। इसमें 653 शहरी स्थानीय निकाय हैं। इस केंद्रीय अनुप्रयोग को "प्रोजेक्ट मैनेजमेंट सिस्टम" के रूप में नामित किया गया है और शहरी स्थानीय निकायों के कर्मचारियों को सेवाएं देने के लिए लॉन्च किया गया है ।

  • 2
    परियोजनाओं की ट्रैकिंग

    वास्तविक समय साइट की चित्रों और जियो-टैगिंग के साथ काम की लाइव ट्रैकिंग के लिए निरीक्षण कमेटी लॉगिन ।

  • 3
    ऐप में मदद

    ऐप में किसी भी समस्या के समाधान के लिए, बस एप्प में मदद के लिए टिकट पर क्लिक करें और समस्या समाधान के लिए आपसे संपर्क किया जाएगा ।

go
FEATURES

PMS के उद्देश्य

योजनायें

जवाहर लाल नेहरू नेशनल अर्बन रिन्यूवल मिशनः अर्बन इन्फ्रास्ट्रक्चर एण्ड गवर्नेन्स
    अर्बन रिन्यूवल जिसमें भीतरी पुराने शहर का पुनर्विकास शामिल है।
    जलापूर्ति एवं सफाई
    सीवरेज और ठोस कूड़ा प्रबन्धन
    नाली/वर्षाजल हेतु नाली का निर्माण/सुधार
    नगरीय यातायात जिसमें सड़कें, राजमार्ग, मैट्रों आदि शामिल हैं।
    पार्किंग स्थल जो सार्वजनिक-निजी भागीदारी में संचालित होना हैं।
    हेरिटेज क्षेत्र का विकास
    जल निकायों का संरक्षण
    भूक्षरण/भूस्खलन का अवरोध/पुनर्वासन
मानीटरिंग राज्य स्तरीय
    नोडल एजेन्सी
    स्टीअरिंग कमेटी
    कोआर्डिनेटिंग/सैक्शनिंग कमेटी
केन्द्र स्तरीय
    मिशन निदेशालय
    सेन्टल सैक्शनिंग कमेटी
    नेशनल स्टीअरिंग ग्रुप

Use Anywhere

Available for all major mobile and desktop platforms.

qr

स्थानीय निकाय निदेशालय उ०प्र०, प्लाट संख्या-18 सेक्टर-7, गोमती नगर लखनऊ